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Indore Police Commissionerate और ACS के संयुक्त प्रयास से विकसित ‘Safe Clicks’ का मुख्यमंत्री द्वारा इंदौर में शुभारंभ
आधुनिक तकनीक और नागरिक सुरक्षा को एक सूत्र में पिरोते हुए, मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ‘Safe Clicks’ नामक एआई–आधारित साइबर सुरक्षा सहायक टूल का लोकार्पण किया।
यह अभिनव पहल इंदौर पुलिस कमिश्नरेट और अबेकस कंसल्टेंसी सर्विसेज (ACS) के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है। इस टूल का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराध से सुरक्षित रखना और उन्हें त्वरित, सरल एवं भरोसेमंद डिजिटल सहायता प्रदान करना है।
डीआरपी लाइन, इंदौर में आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ, शिक्षाविद् और तकनीकी क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल को “आधुनिक पुलिसिंग में एक
सशक्त और सरल कदम” बताया और कहा:
“अब साइबर सुरक्षा केवल एक संदेश दूर है। ‘सेफ क्लिक्स’ जैसे
उपकरण नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए सशक्त बनाते
हैं।”
‘Safe Clicks’ की परिकल्पना इंदौर पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार
सिंह द्वारा की गई थी और इसका विकास ACS ने किया है। साइबर
अपराधों के क्षेत्र में सतत कार्य और बढ़ती चुनौतियों के
मद्देनज़र यह प्रयास एआई के माध्यम से समाधान प्रदान करने की
दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। श्री सिंह ने कहा:
“सेफ क्लिक्स नागरिकों और पुलिस के बीच एक भरोसेमंद डिजिटल सेतु
का कार्य करेगा। इसका उद्देश्य हर व्यक्ति को साइबर सुरक्षा के
प्रति जागरूक बनाना और उन्हें त्वरित समाधान प्रदान करना
है।”
इस विचार को आगे बढ़ाते हुए ADCP श्री राजेश डंडोतिया, जिन्होंने
प्रदेश भर में 1000 से अधिक साइबर जागरूकता अभियानों का संचालन
किया है, ने कहा:
“साइबर सुरक्षा जागरूकता निरंतर और सर्वसुलभ होनी चाहिए — और
‘सेफ क्लिक्स’ इस दिशा में एक मजबूत कदम है।”
‘सेफ क्लिक्स’ क्या है?
‘Safe Clicks’ एक एआई–सक्षम वर्चुअल असिस्टेंट और Agentic AI
solution है, जो नागरिकों को वास्तविक समय (real-time) में
मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करता है। इसके माध्यम से नागरिक:
• संदिग्ध लिंक या संदेश की जांच कर सकते हैं।
• ऑनलाइन ठगी या धोखाधड़ी की स्थिति में उठाए जाने वाले कदम जान
सकते हैं।
• सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के सुझाव और सावधानियां प्राप्त कर
सकते हैं।
• साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज करने की
प्रक्रिया समझ सकते हैं।
यह टूल WhatsApp, Web, Android और iOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। उपयोगकर्ता केवल “Hi” टाइप करके सेवा शुरू कर सकते हैं। साथ ही, यह बहुभाषी समर्थन भी प्रदान करता है।
तकनीकी आधार
‘Safe Clicks’ का बैकएंड इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा प्रबंधित
किया जाता है, जिससे नागरिकों को भरोसेमंद और प्रमाणिक जानकारी
मिलती है।
इंदौर पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने अपने संबोधन में
कहा:
“यह टूल Retrieval-Augmented Generation (RAG) और Large Language
Models (LLMs) जैसी उन्नत तकनीकों पर आधारित है, जो उपयोगकर्ता
के इरादे को समझकर उन्हें त्वरित, संवेदनशील और सटीक उत्तर
प्रदान करता है।”
अबेकस कंसल्टेंसी सर्विसेज (ACS) के सीईओ श्री शिशिर तिवारी ने
लाइव डेमो प्रस्तुत करते हुए कहा:
“इस चैटबॉट की डेवलपमेंट की वजह से मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों
में से एक बन चुका है। यह केवल चैटबॉट नहीं, बल्कि एक RAG-आधारित
Agentic AI solution है। यह हमारा पायलट प्रोजेक्ट है, जिसे
निरंतर विकसित किया जा रहा है और इसे पूरे प्रदेश में लागू किए
जाने की योजना है।”
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने Safe Clicks का अनुभव लिया
और इसके लिए विशेष हेल्पडेस्क भी स्थापित की गई थी। समापन पर
पूरे परिसर में यह नारा गूंजा:
“स्वच्छ इंदौर, अब सुरक्षित इंदौर।”
नागरिकों से अपील
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट और ACS नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे
Safe Clicks का सक्रिय रूप से उपयोग करें और साइबर खतरों के
प्रति जागरूक व सतर्क बनें।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के उपरांत ACS के फाउंडर श्री शिशिर तिवारी ने ADCP श्री राजेश डंडोतिया के सतत प्रयासों और साइबर सुरक्षा जागरूकता में उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
– इंदौर पुलिस कमिश्नरेट
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